शक्ति, समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए आशीर्वाद प्राप्त करें
रोहन
जय माँ संतोषी, जय माँ लक्ष्मी!
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और संतोषी माता को समर्पित है। इस दिन व्रत करने से धन-समृद्धि, सुख-शांति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
व्रत के नियम
शुक्रवार व्रत में प्रातः स्नान कर देवी को सफेद अथवा गुलाबी पुष्प, खीर और मिठाई अर्पित की जाती है। इस दिन खट्टी वस्तुओं का त्याग किया जाता है तथा एक समय सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है। घर की स्त्रियाँ विशेष श्रद्धा से यह व्रत रखती हैं।
कथा
एक गाँव में एक किसान परिवार रहता था, जो निरंतर आर्थिक कष्ट झेल रहा था। किसान की पत्नी ने एक शुक्रवार देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की कि यदि उसके घर में सुख-समृद्धि लौट आए तो वह प्रत्येक शुक्रवार व्रत रखेगी। उसी रात्रि उसे स्वप्न में देवी के दर्शन हुए, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक व्रत रखने का आशीर्वाद दिया।
किसान की पत्नी ने विधिपूर्वक शुक्रवार व्रत आरम्भ किया, स्वच्छता और श्रद्धा का पूर्ण ध्यान रखा तथा किसी भी प्रकार का कटु वचन न बोलने का संकल्प लिया। कुछ ही समय में उनकी फसल अच्छी होने लगी, घर में धन-धान्य की वृद्धि हुई और परिवार में सुख-शांति का वास हुआ।
इस चमत्कार को देखकर आस-पड़ोस की स्त्रियाँ भी शुक्रवार व्रत करने लगीं, और यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती आ रही है।
व्रत के लाभ
शुक्रवार व्रत करने से देवी लक्ष्मी और संतोषी माता की कृपा प्राप्त होती है, आर्थिक कष्ट दूर होते हैं, घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में प्रेम बना रहता है।
जय माँ लक्ष्मी!