सृजन शक्ति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्ति
रोहन
जय विश्वकर्मा देवता, जगत के सृष्टिकर्ता। सकल लोक हितकारी, सब दुख हरने वाला॥
सकल कलाओं के स्वामी, सृजन के अधिपति। सर्वशक्तिमान प्रभु हैं, जग में सबके पति॥
सिंहासन तुम्हारा ऊँचा, त्रिशूल तुम्हारे हाथ। सृष्टि के पालनकर्ता, तुम हो जग के साथ॥
सूरज चंद्रमा तुम्हारे, तुम्हें नमन करे जग। तुम्हारे चरणों में सदा, सुख-शांति का है भग॥
तुम्हीं हो देवों के देवता, विश्व के निर्माता। तुम्हारे बिना न कोई, सृष्टि का है कर्ता॥
तुम्हारे नाम से ही, जग में प्रकाश फैला। तुम्हारे चरणों में सदा, भक्तों का कल्याण हुआ॥
विश्वकर्मा कृपा करो, संकट हर लो मेरे। तुम्हारे चरणों में सदा, सुख-शांति मिले मेरे॥
जो कोई तुम्हें ध्यावे, मनोकामना पूरी हो। विश्वकर्मा की भक्ति से, जीवन सफल हो॥
सकल दोष मिट जाएं, सुख-समृद्धि आए। विश्वकर्मा की महिमा से, जीवन में उजियारा छाए॥
जय जय जय विश्वकर्मा, जग के पालनहार। तुम्हारे चरणों में सदा, सुख-शांति का संसार॥