कुबेर चालीसा

धन-संपत्ति, समृद्धि और जीवन में सुख-शांति के लिए

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रोहन

श्रीगणेशाय नमः। जय कुबेर दिगपाल, धन के अधिपाल।

सिंहासन सुवरन तुम्हारा, सदा विजय तुम्हारा।

धन धन कुबेर बलवंत, हरषि मन हरषवंत।

असुर निकंदन प्रभु तेरे, सब जग में तेरी महिमा।

सिंहासन तेरे सोने का, मनुज न पहुंचे कोइ।

धन धान्य के भंडार तेरे, सब सुख के दाता होइ।

सर्व लोक में तुम्हारा नाम, सब जग में तुम्हारी शान।

भक्त जनों के संकट हरो, कृपा करो प्रभु जान।

तुम्हरे भजन से धन बढ़े, सब कष्ट मिटे दूर।

कुबेर कृपा कर जो कोई, होय धनवान पुरूर।

सुनो भईया प्रभु की आरती, जो कोई पढ़े मन लगाई।

सुख संपत्ति सब पावे, कष्टों से बचाए भाई।

जय जय जय कुबेर देव, धन के अधिपति।

भक्तों के संकट हरो, सुखी करो सब जीव।

दोहा-जय कुबेर दिगपाल, धन के अधिपाल।