सूर्य चालीसा

आयुर्वृद्धि, स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के लिए

चालीसा · 13 बार पढ़ा गया
रोहन

दोहा सूरज देवता के, जो कोई पढ़े मन लगाकर। सर्व दुख हरै सदा उसके, मिटै सब पाप भगाकर॥

सूरज देवता की महिमा, अनंत है अपरम्पार। जपै जो नाम उनका सदा, होय सुख समृद्धि विचार॥

जय सूर्य देव दयालु, जग में उजियारा। सूरज की महिमा अपर, सब जग को सहारा॥

सिंहासन धरि जगत पालक, त्रिनेत्रधारी सदा। सूरज देवता महादेव, सब दुखों के नाशक॥

सूरज की किरणें जब, धरती पर पड़ती हैं। जीवन में ऊर्जा भरती, अंधकार सब मिटती है॥

सूरज देवता की आराधना, करें जो मन लगाकर। सफल हो हर मनोकामना, मिटे सब पाप भगाकर॥

सूरज देवता की महिमा, अनंत है अपरम्पार। जपै जो नाम उनका सदा, होय सुख समृद्धि विचार॥

सूरज देवता की पूजा से, बढ़े बुद्धि और बल। सभी प्रकार के रोगों से, मिले रक्षा और कल्याण॥

सूरज देवता की कृपा से, होय जीवन सफल। सभी संकट दूर हो जाते, सुख-शांति का हो वास॥

सूरज देवता की आराधना, करें दिन-रात जो। सफल हो हर मनोकामना, मिटे सब पाप भगाकर॥

दोहा सूरज देवता के, जो कोई पढ़े मन लगाकर। सर्व दुख हरै सदा उसके, मिटै सब पाप भगाकर॥