कष्टों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मन की शांति के लिए
रोहन
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।
संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सत बार पाठ करे।
जो यह पढ़े मन लगाकर, सुख संपत्ति घर आवै।
दीन दयालु संतोषी माता, सब दुख हरै जग में।
जो सत बार पाठ करे, सौ दिन तक न आए विपत्ति।
संतोषी माता की आरती, जो कोई मन लगाकर गावे।
सभी कष्ट कटै मिटै, सुख-समृद्धि घर आवे।
जो कोई संतोषी माता, रोज़ उपवास करे।
दस दिन तक जो रखे व्रत, संतोषी माता प्रसन्न होए।
सभी कष्ट कटै मिटै, सुख-समृद्धि घर आवे।
संतोषी माता की पूजा, विधि-विधान से करे।
सभी मनोकामना पूरी हो, संकट सब दूर होए।
संतोषी माता की महिमा, जग में सब जगह गावे।
जो कोई मन लगाकर पढ़े, संतोषी माता प्रसन्न होए।
सभी कष्ट कटै मिटै, सुख-समृद्धि घर आवे।
दोहा-चौपाई समाप्त, संतोषी माता की जय।