शक्ति, सौभाग्य और मनोकामना पूर्ति के लिए उपकारी
रोहन
जय गिरिजा गिरिधर नाथ, भवानी शंकर सुखदाता। सकल जगत के हितकारी, त्रिपुरारी जगदाधारा॥
शिव शंकर के सुमंगल, पार्वती रूप सुहावनी। दीन दयालु जगदम्बा, भव भय हरन भवानी॥
जय पार्वती महादेवी, जगत जननी जगदंबा। शिव शंकर की सुमंगल, सुखदाई भवानी माता॥
सिंहासन धारिणी माता, शूलधरि की सखी। त्रिपुरारी की प्रिया, जगत की दयालु माही॥
शिव शंकर की आराध्या, शीतल रूप सुहावनी। भव भय हरन भवानी, जगत जननी जगदंबा॥
सती रूप सदा सुमंगल, महादेवी महाशक्ति। त्रिपुरारी की आराध्या, जगत जननी जगदंबा॥
शिव शंकर की प्रिया माता, पार्वती रूप सुहावनी। सकल जगत के हितकारी, भवानी जगदंबिका॥
जय जय भवानी माता, जगत जननी जगदंबा। शिव शंकर की आराध्या, सुखदाई भवानी माता॥
जो कोई पढ़े पार्वती चालीसा, भव भय हरता भवानी। संकट मिटे सब कष्ट दूर, सुख समृद्धि हो मनवानी॥