नवग्रह चालीसा

सप्त ग्रहों की कृपा से जीवन में समृद्धि और सुरक्षा के लिए

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रोहन

जय देव जय देव जय मंगलमूरति।

दीनबंधु दीनदयालु दयामय सुरेश्वरि॥

शनि देव ग्रह संकट हरै। मंगल दोष मिटै नर नरे॥

बुध ग्रह से बुद्धि बढ़ै। गुरु ग्रह से ज्ञान बढ़ै॥

शुक्र ग्रह से प्रेम बढ़ै। राहु के दोष मिटै सब॥

केतु ग्रह से भय मिटै। सूर्य देव से जीवन बढ़ै॥

सर्व ग्रहों के स्वामी देव। नवग्रहों के पालनहार॥

संकट मोचन मंगलकारी। कृपा करो प्रभु हमारे॥

शनि देव कृपा करो हम पर। मंगल दोष मिटाओ हमारे॥

बुध देव बुद्धि बढ़ाओ हम पर। गुरु देव ज्ञान बढ़ाओ हमारे॥

शुक्र देव प्रेम बढ़ाओ हम पर। राहु देव दोष मिटाओ हमारे॥

केतु देव भय मिटाओ हम पर। सूर्य देव जीवन बढ़ाओ हमारे॥

नवग्रहों के देवता सब। कृपा करो हम पर सदा॥

संकट हरो मंगलकारी। सुख समृद्धि लाओ हमारे॥

जय देव जय देव जय मंगलमूरति।