महालक्ष्मी चालीसा

धन, समृद्धि और जीवन में सुख-शांति के लिए शुभ पाठ

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रोहन

नमो नमो महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि। तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात्॥

जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता मैया। तुमको नमन करित हम, संकट हरहु दया॥

जय जगदम्बा जगतजननी, जय महालक्ष्मी सुखदायिनी।

दीनदयाला दयामयी, संकटमोचन सुखदायी॥

सिंहासन गदा पद्मधरि, वरदायिनी जगतधात्री।

सर्वसिद्धि प्रदायिनी, भवसागर तरिणी॥

श्री महालक्ष्मी महिमा, अनंत है अवर्णनी।

सर्वत्र पूजिते देवि, सुख सम्पदा दायिनी॥

सिंहवाहिनी महादेवी, सर्वलोक सुखदायिनी।

सर्वत्र पूजिते देवि, संकट हरनी जगदम्बा॥

शुभ्र वस्त्र धारिणी, पद्मासन सदा विराजे।

कमलदल पर विराजे, सर्वलोक सुखदायिनी॥

सर्वभक्ष नाशिनी, सर्वरोग विनाशिनी।

सर्वत्र पूजिते देवि, महालक्ष्मी सुखदायिनी॥

सिंहासन गदा पद्मधरि, वरदायिनी जगतधात्री।

सर्वसिद्धि प्रदायिनी, भवसागर तरिणी॥

जय जय जय महालक्ष्मी, भवसागर तरिणी।

सर्वसिद्धि प्रदायिनी, सुख सम्पदा दायिनी॥

जय लक्ष्मी माता मैया, जय लक्ष्मी माता मैया।

जो यह पढ़ै महालक्ष्मी चालीसा, होय सिद्धि सदा उसकी भलीसा॥