संकट निवारण, मन की शांति और भगवान की कृपा के लिए
रोहन
श्रीगणेशाय नमः
जय जय जय गोपाल गोविंद जय जय राधे माधव। जय गिरिधर गोपीजनवल्लभ जय नन्दलाल॥
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी। हे नाथ नारायण वासुदेव ॥
गोपाल नाम तिहारो प्यारा। मन मोहक रूप निराला॥
माखन चोर मुरलीधर। गोकुल में सबका उद्धार॥
राधा रानी संग रास रचाए। यमुना के तट पर नाचे गाए॥
वृन्दावन के वसुधा प्यारे। गोपियों के मन को भाए॥
श्रीकृष्ण के चरणों में सुख है। जो भी उनका ध्यान लगाये॥
द्वारका धाम के राजा प्यारे। भक्तों के संकट हरने वाले॥
गोपाल चालीसा पढ़ो जो कोई। पाप कटे उसके सब दोषी॥
संकट से उबारें संकटमोचन। श्रीकृष्ण गोविन्द दीनदयाल॥
जय जय जय गोपाल गोविंद। जय जय राधे माधव॥
दोहा: श्रीगणेशाय नमः जय जय जय गोपाल गोविंद जय जय राधे माधव। जय गिरिधर गोपीजनवल्लभ जय नन्दलाल॥