श्री कृष्ण चालीसा

भक्ति, मन की शांति और जीवन में दिव्य आशीर्वाद के लिए

चालीसा · 13 बार पढ़ा गया
रोहन

श्री कृष्ण चालीसा पाठ करि, मन हरषे हरषा। दीनदयालु कृपालु देव, संकट हरहु कृपा॥

जय कन्हैया लाल की, जय गोविन्द गोपाल की। जय गिरिधर गोपाल की, जय राधा रमण की॥

वृन्दावन के वासी, मुरलीधर प्यारे। गोपियों के मन मोहि, रास रचावे सारा॥

माखन चोर नन्दलाल, यशोदा के लाल। द्वारका के राजा, जगत के पाल॥

श्री कृष्ण मुरारी, गिरिधर गिरिधारी। राधा के श्याम सुंदर, सब जग के प्यारे॥

गोपियों के मन मोहि, रास रचावे सारा। मुरली बजावे मधुर, मन हरषावे प्यारा॥

कंस के दमन कर्ता, दुष्टों के संहारक। धन्य धरा धाम तुम्हारा, जय जय श्री नंदलाल॥

श्री कृष्ण चालीसा पढ़ि, जो कोई मन लगावे। संकट से वह बचत है, सुख समृद्धि पावे॥

जय श्री कृष्ण गोविन्द, जय गिरिधर गोपाल। जय राधा रमण श्याम, जय मुरलीधर लाल॥

जो कोई पढ़े श्री कृष्ण चालीसा, संकट से बचत है, सुख समृद्धि पाता।