धन्वंतरी चालीसा

स्वास्थ्य, रोग निवारण और आयुर्वेदिक ज्ञान के लिए आशीर्वाद

चालीसा · 14 बार पढ़ा गया
रोहन

जय धन्वंतरि देवता, आरोग्य के दाता। अमृत वरसि कृपा करहु, रोग हरहु सारा॥

सर्व रोग नाशन करहु, दुष्ट दोष हरहु भया। अमृत रूप धरि अवतार, जगत हितकारी॥

चतुर्विध आयुर्वेद के, आदि पिता कहाए। त्रिदोष नाशन करहु, रोगी सुखी हो जाए॥

सिंहासन ते विराजे, देवों के देव धन्वंतरि। अमृत कलश लिए आए, जगत के हितकारी॥

सर्व सुख के दाता हो, रोगी के रक्षक तुम। त्रिदोष नाशक धन्वंतरि, कृपा करो हम पर तुम॥

सर्व रोग नाशन करहु, अमृत वरसि कृपा। धन्वंतरि देव कृपा करो, सुख-समृद्धि दे सबका॥

जय जय जय धन्वंतरि, आरोग्य के दाता। अमृत वरसि कृपा करहु, रोग हरहु सारा॥