गीता 6.24 श्रीकृष्ण सङ्कल्पप्रभवान्कामांस्त्यक्त्वा सर्वानशेषतः। मनसैवेन्द्रियग्रामं विनियम्य समन्ततः ॥ हिंदी अर्थसंकल्पसे उत्पन्न होनेवाली सम्पूर्ण कामनाओंका सर्वथा त्याग करके और मनसे ही इन्द्रिय-समूहको सभी ओरसे हटाकर। रोमन में पढ़ें saṅkalpa-prabhavān kāmāns tyaktvā sarvān aśheṣhataḥ manasaivendriya-grāmaṁ viniyamya samantataḥ