संकट निवारण, आध्यात्मिक शुद्धि और मन की शांति के लिए
रोहन
आरती तुलसी माता की, जो भक्त जन सुखदाई। जग में जिनके बिना, न कोई सुख पाई॥
जय तुलसी माता, जय तुलसी माता। तुम बिन कौन सुखी, तुम बिन कौन माता॥
तुम हो जग की माता, तुम हो जग की दाता। तुम्हरे चरणों में सदा, सुख समृद्धि पाता॥
आरती तुलसी माता की, जो भक्त जन सुखदाई। जग में जिनके बिना, न कोई सुख पाई॥