गुरु आरती

ज्ञान, भक्ति और जीवन में दिव्य प्रकाश के लिए

आरती · 16 बार पढ़ा गया
रोहन

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। दीनबंधु दुःख हरता, सुखकर्ता॥

दीनदयालु दयामय, जगत पिता। सकल सृष्टि के स्वामी, जगत के रक्षक॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति॥

सर्वज्ञानी सर्वशक्तिमान, गुरु हमारे। ज्ञान के दाता, अज्ञान के नाशक॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति॥

अंधकार मिटाकर, प्रकाश फैलाने वाले। शरणागतों के संकट हरने वाले॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति॥

सर्वदा कृपालु, करुणा के सागर। गुरु चरणों में शीश नवाएं हम॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति॥

सर्व मंगल की कामना करें। गुरुवर की जय हो, जय हो, जय हो॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति॥