कष्टों से मुक्ति, न्याय और जीवन में स्थिरता के लिए
रोहन
आरती शनि देव की, कीजै श्रीगुरु चरण। दीनबंधु दयावान, कृपालु शरण॥
दीपक जलाकर जोते, करें शरणागत। दुष्ट दलन दयावान, शनि देव प्रताप॥
काल पुरुष महाबली, न्याय का पालन। संकट हरन कृपालु, शनि देव दयान॥
सिंह वाहन सवार, गगन के अधिपति। दीनों के संकट हरें, शनि देव कृपालु॥
आरती शनि देव की, कीजै श्रीगुरु चरण। दीनबंधु दयावान, कृपालु शरण॥