सरस्वती आरती

ज्ञान, विद्या और मन की शुद्धि के लिए सर्वोत्तम साधना

आरती · 10 बार पढ़ा गया
रोहन

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता॥

चंद्रवदनी पद्मासिनी, द्युति मंगलकारी। सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ जय सरस्वती माता॥

बायें कर में वीणा, दायें कर माला। शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥ जय सरस्वती माता॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो। मोह अज्ञान निवारिणी, वाणी में वास करो॥ जय सरस्वती माता॥

धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो। ज्ञान चक्षु खोल माता, भव से पार करो॥ जय सरस्वती माता॥

माँ सरस्वती की आरती जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता॥