संतोषी माता आरती

संतोष, सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति के लिए

आरती · 11 बार पढ़ा गया
रोहन

आरती संतोषी माता की, जो कोई करे मन से जाप। दुख-दर्द मिटे सब उसके, हो जाए सुख का उपहार॥

जय जय संतोषी माता, दीन दयाला सुखदायिनी। संकट हरती संकट मोचन, भवसागर की पार लगायिनी॥

चौकी पर जो दीप जले, खुशबू से महक उठे घर। माँ की कृपा से जो भी भक्ति करे, उसका हो उद्धार॥

जो कोई करे मन से जाप, संतोषी माता की आरती। दुख-दर्द मिटे सब उसके, हो जाए सुख का उपहार॥