पार्वती आरती

शक्ति, सौभाग्य और परिवार की रक्षा के लिए आशीर्वाद प्राप्त करें

आरती · 10 बार पढ़ा गया
रोहन

जय जय जय पार्वती माता, शिव शंकर की दुलारी। शुभ्र वस्त्र शोभित सदा, सुमुखा सदा प्यारी।

चन्द्रमा सी मुखमंडल, कमल समान नयन। सकल जगत की दायिनी, दीन दयालु चरण।

आरती करूँ मैं तुम्हारी, दीन दुख हरने वाली। जय जय जय पार्वती माता, शिव शंकर की दुलारी।