सप्त ग्रहों की कृपा से जीवन में समृद्धि और सुरक्षा के लिए
रोहन
आरती नवग्रह की, जो नर-नारी सुखदाई। सूरज चंद्रमा गुरु बृहस्पति, मंगल, शुक्र, शनि भाई॥
ब्रहस्पति गुरु देव की, कृपा से सब सुख पाई। चंद्रमा शशि देव की, मन को शीतल छाई॥
सूरज देव की आरती, जीवन में उजियारा। मंगल देव की आरती, संकटों का सहारा॥
शुक्र देव की आरती, प्रेम और सौंदर्य लाए। शनि देव की आरती, कर्मों का फल दिखाए॥
राहु के प्रभाव से, बचाए यह आरती। केतु के दोष से, दूर करे सारी कष्ट भांति॥
जय नवग्रह देवता, कृपा करो हम पर। सदा सुख-समृद्धि दे, जीवन में उजियार॥