भैरव आरती

संकट निवारण, भय मुक्त जीवन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए

आरती · 9 बार पढ़ा गया
रोहन

आरती श्री भैरव जी की, दिव्य ज्योति से जगमगाई। शिव स्वरूप महाबली, भय हरे सब पर छाई।

दक्षिणमुखी महाकाल, त्रिशूलधारी शूलधारी। काल भैरव जगतपति, सर्व दुखों के निवारक।

नागमाला से सुशोभित, सिंह वाहन महाबली। भूत पिशाच भयभीत, भैरव कृपा से हारी।

जय भैरव, जय महाकाल, सर्व मंगल के दाता। तुम्हारे चरणों में शीश, हम करते हैं नतमस्तक।