गीता 7.10 श्रीकृष्ण बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि पार्थ सनातनम्। बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ॥ हिंदी अर्थहे पृथानन्दन ! सम्पूर्ण प्राणियोंका अनादि बीज मुझे जान। बुद्धिमानोंमें बुद्धि और तेजस्वियोंमें तेज मैं हूँ। रोमन में पढ़ें bījaṁ māṁ sarva-bhūtānāṁ viddhi pārtha sanātanam buddhir buddhimatām asmi tejas tejasvinām aham