गीता 8.19
कुंडलीपंचांग

भगवद्गीता · अध्याय 8 · श्लोक 19

गीता 8.19

अध्याय 8 – अक्षरब्रह्मयोग · श्रीकृष्ण कहते हैं

गीता 8.19 श्रीकृष्ण

भूतग्रामः स एवायं भूत्वा भूत्वा प्रलीयते।
रात्र्यागमेऽवशः पार्थ प्रभवत्यहरागमे ॥

हिंदी अर्थहे पार्थ ! वही यह प्राणिसमुदाय उत्पन्न हो-होकर प्रकृतिके परवश हुआ ब्रह्माके दिनके समय उत्पन्न होता है और ब्रह्माकी रात्रिके समय लीन होता है।

रोमन में पढ़ें

bhūta-grāmaḥ sa evāyaṁ bhūtvā bhūtvā pralīyate
rātryāgame ’vaśhaḥ pārtha prabhavatyahar-āgame

हिंदी अर्थ स्वामी रामसुखदास जी के अनुवाद पर आधारित है। शीर्षक, सरल भावार्थ, मुख्य शब्द और "आज के जीवन में" SachiBhakti की ओर से।