शिव की महिमा से मन को शांति, शक्ति और संकटमोचन प्राप्त होती है
रोहन
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥
धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर- स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
निगदितानि च तानि कृत्स्नमिदं ताण्डवं- नूतनं नट्यमात्मनः प्रविलसत्प्रभाते। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥
पञ्चपाण्डवसुतं चैव पाण्डुरङ्गं तथैव च सिंहिकागर्भसंभूतं वृषभधरं तण्डवं च। जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्॥
कपर्दिनन्दितमुण्डमुण्डमालाकटि निनाद- वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः। शिवः शिवम्॥
कपर्दिनन्दितमुण्डमुण्डमालाकटिनिनाद- वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः। शिवः शिवम्॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
कपर्दिनन्दितमुण्डमुण्डमालाकटिनिनाद- वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः। शिवः शिवम्॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥