शिव तांडव स्तोत्र

शिव की महिमा से मन को शांति, शक्ति और संकटमोचन प्राप्त होती है

स्तोत्र · 3 बार पढ़ा गया
रोहन

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम॥

धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर- स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

निगदितानि च तानि कृत्स्नमिदं ताण्डवं- नूतनं नट्यमात्मनः प्रविलसत्प्रभाते। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि॥

पञ्चपाण्डवसुतं चैव पाण्डुरङ्गं तथैव च सिंहिकागर्भसंभूतं वृषभधरं तण्डवं च। जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्॥

कपर्दिनन्दितमुण्डमुण्डमालाकटि निनाद- वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः। शिवः शिवम्॥

कपर्दिनन्दितमुण्डमुण्डमालाकटिनिनाद- वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः। शिवः शिवम्॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

कपर्दिनन्दितमुण्डमुण्डमालाकटिनिनाद- वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः। शिवः शिवम्॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्त्वगडितभेदन- द्रुत्युत्तरनुनादवड्डमर्वयन्मुरारे। धरा धरेन्द्रनन्दिनीप्रमोदमन्दस्फुरत्- स्वनमिदं शुभमेकं शिवताण्डवं नृत्यति॥